लगभग तीन दशकों से, अमेरिका के सभी राष्ट्रपतियों ने भारत के साथ मजबूत संबंध बनाने को अहम माना है, क्योंकि वे इसे उभरते चीन के मुकाबले एक स्वाभाविक सहयोगी मानते हैं।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दुनिया के मशहूर उद्योगपति और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद वे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब ट्रंप प्रशासन व्यापार नीतियों में बड़े बदलाव कर रहा है, जिससे भारत-अमेरिका संबंधों पर असर पड़ सकता है।
बैठक की अहम बातें:
- अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से चर्चा
पीएम मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वॉल्ट्ज से भी मुलाकात की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक और सुरक्षा पर चर्चा हुई। खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर्स और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया। - भारत ने व्यापारिक रियायतें दीं
भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार को आसान बनाने के लिए कुछ रियायतें दी हैं, जिसमें अमेरिकी मोटरसाइकिलों पर शुल्क कम करना शामिल है। इससे हार्ले-डेविडसन जैसी कंपनियों को फायदा मिलेगा। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में इस मुद्दे पर भारत की आलोचना की थी। - अमेरिका की नई व्यापार नीति
ट्रंप प्रशासन उन देशों पर ‘प्रतिस्पर्धी शुल्क’ लगाने की योजना बना रहा है, जो अमेरिकी सामानों पर ज्यादा टैक्स लगाते हैं। इससे भारत समेत कई देशों के व्यापार पर असर पड़ सकता है। - अवैध प्रवासियों पर कड़ा रुख
अमेरिका ने हाल ही में 100 भारतीय नागरिकों को अवैध प्रवास के आरोप में भारत वापस भेज दिया। इसके जवाब में भारत ने भी अवैध प्रवास रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है। - रक्षा सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
भारत और अमेरिका अपने रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए नई रणनीति बना रहे हैं। दोनों देशों के बीच एक नया रक्षा समझौता होने की संभावना है, जिसमें सैन्य तकनीक और हथियारों के आदान-प्रदान पर जोर दिया जाएगा। - चीन पर अमेरिका की नजर, भारत की अहम भूमिका
अमेरिका भारत को चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए अहम सहयोगी मानता है। ट्रंप प्रशासन भी इस रणनीति पर आगे बढ़ रहा है और भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। - व्यापार घाटे को कम करने पर जोर
अमेरिका भारत के साथ व्यापार संतुलन स्थापित करने का प्रयास कर रहा है और 2025 तक एक निष्पक्ष व्यापार समझौता लागू करने की योजना बना रहा है। - ट्रंप की संभावित भारत यात्रा
2020 में अहमदाबाद में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप का भव्य स्वागत किया था। अब संभावना है कि ट्रंप इस साल भारत में होने वाले क्वाड सम्मेलन में हिस्सा लेने आ सकते हैं। - रूस से भारत के संबंधों पर अमेरिका की चिंता
अमेरिका और यूरोपीय देश चाहते हैं कि भारत रूस से अपनी ऊर्जा खरीद को कम करे, लेकिन भारत अब भी रूस से तेल और गैस खरीद रहा है। यह मुद्दा अमेरिका-भारत वार्ता में चर्चा का केंद्र रहेगा। - भारत-अमेरिका संबंधों में नए अवसर
पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में नई दिशा दे सकती है। व्यापार, रक्षा और तकनीक में सहयोग को बढ़ाने के लिए कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
अब सभी की नजरें पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की बैठक पर टिकी हैं। देखना होगा कि इस वार्ता से भारत-अमेरिका संबंधों में क्या नए बदलाव आते हैं।







