भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर नौ महीने बाद पृथ्वी पर लौटने के लिए तैयार हैं। नासा और स्पेसएक्स ने उनकी वापसी की पुष्टि की।

भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में नौ महीने बिताने के बाद मंगलवार को पृथ्वी पर लौटने के लिए तैयार हैं। नासा ने घोषणा की है कि उनकी वापसी का समय पहले से तय कार्यक्रम से एक दिन पहले कर दिया गया है। मौसम की अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए यह बदलाव किया गया है।
अंतरिक्ष से वापसी की नई समय-सारणी
नासा और स्पेसएक्स ने रविवार को मौसम और समुद्री लैंडिंग की स्थिति का आकलन किया। रिपोर्ट के अनुसार, फ्लोरिडा के तट के पास 18 मार्च, मंगलवार को शाम 5:57 बजे (2157 GMT) उनकी वापसी तय की गई है।
नासा ने कहा कि यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद बाकी क्रू अपने आवश्यक कार्य पूरे कर सकें और बाद में आने वाले प्रतिकूल मौसम से बचा जा सके।
स्पेसएक्स कैप्सूल से होगी सुरक्षित वापसी
स्पेसएक्स का क्रू ड्रैगन कैप्सूल, जो हाल ही में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचा था, सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर के साथ-साथ नासा के निक हेग और रोस्कॉसमॉस के एलेक्जेंडर गोरबुनोव को भी पृथ्वी पर वापस लाएगा।
नासा ने यह भी घोषणा की है कि इस वापसी यात्रा का सीधा प्रसारण (Live Broadcast) सोमवार शाम से शुरू होगा, जिसमें हैच बंद करने की प्रक्रिया भी शामिल होगी।
तकनीकी खराबी के कारण बढ़ी अंतरिक्ष यात्रा
यह वापसी सामान्य नहीं है, क्योंकि सुनीता विलियम्स और उनके साथी की यह यात्रा केवल सात दिनों की होनी थी, लेकिन वे नौ महीने तक ISS में फंसे रहे।
- जून 2024 में, वे बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान से ISS पहुंचे थे।
- इस यान में ईंधन प्रणाली (प्रोपल्शन) और हीलियम लीकेज जैसी समस्याएं सामने आईं, जिससे यह वापसी के लिए अनुपयोगी हो गया।
- नासा ने सितंबर में इस यान को बिना क्रू के पृथ्वी पर वापस भेज दिया, जिससे उनकी वापसी की योजना बाधित हो गई।
लंबी यात्रा से जुड़ी चुनौतियाँ
आमतौर पर ISS पर अंतरिक्ष यात्रियों का प्रवास छह महीने का होता है, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उनकी यात्रा नौ महीने लंबी हो गई।
- मिशन में देरी के कारण उनके लिए अतिरिक्त भोजन, कपड़े और जरूरी सामान भेजना पड़ा।
- यह अप्रत्याशित देरी चर्चा का विषय बन गई, क्योंकि अंतरिक्ष यात्री इतने लंबे समय तक अपने परिवारों से दूर रहे।
अब, नासा और स्पेसएक्स की सहायता से वे आखिरकार सुरक्षित पृथ्वी पर लौटने के लिए तैयार हैं।
(नवभारत न्यूज़ 24×7 की विशेष रिपोर्ट)






